आजकल घरों में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर लोग काफी जागरूक हो गए हैं। इसी कारण से RO (Reverse Osmosis) वॉटर प्यूरीफायर की डिमांड बढ़ी है। लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है – आरओ पानी को साफ करने के दौरान कितना पानी बर्बाद करता है और क्यों? आइए इस विषय पर विस्तार से जानते हैं।
1. RO वॉटर प्यूरीफायर में पानी बर्बादी का कारण
आरओ मशीन पानी को शुद्ध करने के लिए एक विशेष मेम्ब्रेन (RO membrane) का इस्तेमाल करती है, जो पानी से घुली अशुद्धियाँ, केमिकल्स, हैवी मेटल्स और सॉल्ट्स को अलग कर देती है।
- जब पानी इस मेम्ब्रेन से गुजरता है, तो एक हिस्सा साफ (Pure Water) बनता है और बाकी पानी अशुद्धियों के साथ बाहर निकल जाता है, जिसे Reject Water या Waste Water कहा जाता है।
- यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी है क्योंकि मेम्ब्रेन पर अशुद्धियाँ जमा न हों और इसकी लाइफ लंबी बनी रहे।

2. कितना पानी बर्बाद होता है?
- सामान्यत: एक आरओ प्यूरीफायर 1 लीटर साफ पानी बनाने के लिए 2 से 3 लीटर तक पानी बर्बाद करता है।
- कुछ पुराने मॉडल 1 लीटर शुद्ध पानी के लिए 4–5 लीटर तक भी बर्बाद कर सकते हैं।
- मतलब, अगर आप रोज 10 लीटर साफ पानी पीने के लिए बनाते हैं, तो लगभग 20 से 30 लीटर तक पानी वेस्ट हो सकता है।
3. क्या यह पानी पूरी तरह बेकार है?
नहीं! RO का वेस्ट वॉटर पीने के लिए तो सुरक्षित नहीं है, लेकिन इसका इस्तेमाल कई दूसरे कामों में किया जा सकता है, जैसे:
- फर्श पोछने के लिए (Mopping)
- बाथरूम और टॉयलेट सफाई के लिए
- गाड़ियों को धोने के लिए
- बागवानी (Garden) में पानी देने के लिए (लेकिन ज्यादा मात्रा में नहीं, क्योंकि इसमें TDS ज्यादा हो सकता है)
4. पानी बर्बादी कम करने के उपाय
- लेटेस्ट टेक्नोलॉजी वाले RO प्यूरीफायर खरीदें – जैसे RO+UV+UF+TDS कंट्रोलर, जो पानी की बर्बादी कम करते हैं।
- स्टोरेज टैंक लगाएँ – वेस्ट वॉटर को एक टैंक में जमा करके घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करें।
- रेनवॉटर हार्वेस्टिंग से जोड़ें – RO वेस्ट वॉटर को रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से कनेक्ट करके रिचार्जिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कम TDS वाला पानी इस्तेमाल करें – इनपुट पानी का TDS कम होने से वेस्टेज भी घट सकता है।
5. निष्कर्ष
RO वॉटर प्यूरीफायर पानी को शुद्ध तो करता है, लेकिन इसके साथ पानी की बर्बादी भी एक बड़ी समस्या है। सही मॉडल चुनकर, वेस्ट वॉटर का पुनः उपयोग करके और पानी बचाने की आदत अपनाकर हम इस नुकसान को कम कर सकते हैं। पानी बचाना हर किसी की जिम्मेदारी है, क्योंकि “पानी है तो जीवन है”।